शक्ति साधना के लिए नवरात्रों से उत्तम क्या हो सकता है ! माँ भगवती नवरात्रों में अपने भक्तो की प्रत्येक मनोकामना पूर्ण करती है ! साधको का मानना है कि यदि पिता से हम कुछ मांगे तो पिता देने में देर कर सकते है पर माँ तो माँ होती है , वह कभी देर नहीं करती ! एक बार माँ भगवती नहा रही थी उसी समय उनकी दो सखीया भी साथ ही थी , उनका नाम था जया और विजया ! उन्होंने माँ से कहा हमें भूख लगी है तो माँ ने अपना सिर काट दिया और उसमे से तीन रक्त धाराएं निकली एक माँ भगवती के मुख में चली गयी और बाकी दो जया और विजया के मुख में माँ का यह रूप
छिन्न मस्तिका कहलाया ! ऐसा कौनसा फल है जो माँ भगवती की कृपा से प्राप्त न हो ! दस महाविद्या वास्तव में महाकाली का ही स्वरुप है , दस महाविद्या की उपासना में दो मार्ग है दक्षिण मार्ग और वाममार्ग ! साधक एक मार्ग से दीक्षित होकर उसी मार्ग में आगे बढ़ता है ! वास्तव में महाकाली ही दस स्वरूपों में विद्यमान है , जो दस महाविद्याओं में भेद करता है और इन्हें अलग अलग मानता है वह नरक का भागी है ऐसा कौल मार्ग में कहा जाता है ! कौल मार्ग पर दादा गुरु मत्स्येन्द्रनाथ जी ने एक ग्रन्थ भी लिखा है ! मैं यहाँ श्रीकुल , काली कुल और कौल मार्ग के विषय बात नहीं करूँगा क्योंकि यह गुप्त मार्ग है और इस मार्ग की चर्चा यहाँ पर करना गलत है ! मैं यहाँ एक साधना महाकाली जी की दे रहा हूँ इस साधना को करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है !
|| मन्त्र ||
काली महाकाली
काली दोनों हाथ बजावे ताली
हाथ में गदा हाथ में त्रिशूल
गुण की बाँधी
नाव वाचा को बांधो ब्रह्मा
रक्षा वाचा को प्रणाम
करो लाज राखने वाली काली !
|| विधि ||
पहले नवरात्रे के दिन से ही शुरू करे , देसी घी की ज्योत जलाये और एक नारियल पास रखे सुबह सूर्य उदय से पहले पांच माला इस मन्त्र की जपे और एक माला भैरव मन्त्र की जपे और नारियाल फोड़ दे और यह क्रिया शाम को भी करे ! शाम को इसी तरह पांच माला जपकर एक माला भैरव जी की जपे और नारियल चढ़ाये ! इस क्रिया को नवरात्रों में नवमी तिथि तक करे ! ऐसा करने पर मन्त्र सिद्ध हो जायेगा !
|| भैरव मन्त्र ||
काला भैरों चिट्टा भैरों
भैरों रंग बिरंगा
गल विच सोह्न्दी माला
मथ्थे सोह्न्दा टिक्का !
इस मन्त्र की सुबह शाम एक माला जपनी है !
|| प्रयोग विधि ||
जब किसी विशेष काम को सम्पन्न करवाना हो तो नौ दिन तक इसी विधि से मन्त्र का जप करे और नारियाल चढ़ाये काम अवश्य पूर्ण होगा ! कई बार इस मन्त्र का प्रयोग किया जा चुका है !
जय सदगुरुदेव !


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