इस मन्त्र को शरीर कीलन मन्त्र कहते है!किसी भी साधना को करने से पहले इसेसिद्ध कर लेना चाहिए! इससे उग्र सध्नायो के समय होने वाले अनिष्ट से बचा जा सकता है!
मन्त्र को जैसे का तैसा ही पढ़े भाषा के अधर पर शुद्ध करने की कोशिश न करे वरना कोई लाभ न
होगा!
यह इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि इस मन्त्र में ब्रह्मा को वर्मा कहा गया है पर मैंने
यह मन्त्र इसी तरह जपा है और मुझे पूरण प्रभाव मिला है!
मुसीबत के समय भी इस मन्त्र का प्रयोग किया जा सकता है!
आस कीलूँ पास कीलूँ,
कीलूँ अपनी काया
जागदा मसान कीलूँ
जागदा मसान कीलूँ
बैठी कीलूँ छाया
इसर का कोट बर्मा की थाली
इसर का कोट बर्मा की थाली
मेरे घाट पिंड का हनुमान वीर रखवाला!
इस मन्त्र की 1 माला हररोज 21 दिन तक करे और हनुमान जी को लंगोट चढ़ाये! लड़ू का भोग लगाये मन्त्र सिद्ध हो जायेगा!प्रयोग के समय 21 बार जपले!
जय सद्गुरुदेव !

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