भगवान् नृसिंह विष्णु जी के सबसे उग्र अवतार मने जाते है ! जितने उग्र नृसिंह भगवान् है उतनी ही उग्र उनकी साधना है ! नृसिंह भगवान् के जप से शत्रुओं का नाश होता है और मुक़दमे आदि में विजय मिलती है ! यदि आप के किसी सगे सम्बन्धी पर किसी ने वशीकरण कर दिया हो या आप का कोई मित्र या सगा सम्बन्धी किसी परायी स्त्री के जाल में फस गया हो अथवा आपके परिवार की स्त्री किसी परपुरुष के चक्कर में हो तो इस साधना को जरुर करे !
यदि किसी ने आप पर कोई षड़यंत्र कर दिया हो या कोई आप पर झूठी गवाही दे रहा हो उस समय भगवान् नृसिंह को याद करे और विश्वास कीजिये भगवान् नृसिंह आपकी उसी प्रकार करेंगे जिस प्रकार भक्त प्रहलाद की थी ! ऐसा कौन सा फल है जो भगवान् नृसिंह की आराधना से ना मिलता हो क्योंकि भगवान् नृसिंह का उपासक सभी सुखों को भोग कर वैकुण्ठ को जाता है !
भगवान् नृसिंह के शाबर मंत्र बहुत ही उग्र होते है , इसलिए भगवान् नृसिंह का बीज मंत्र दे रहा हूँ !
बीज मंत्र भी पूर्ण प्रभावी होते है और कौल मार्ग तो बीज मन्त्रों पर ही टिका हुआ है ! कौल मार्ग में बीज मंत्रो के द्वारा ही साधक इष्ट सिद्धि प्राप्त कर लेते है क्योंकि पूरे का पूरा वृक्ष एक बीज में ही छिपा होता है ! बीज मंत्र सतयुग में सवा लाख जप करने से सिद्ध हो जाते थे, त्रेतायुग में दोगुना जप करने से सिद्ध होते थे वही द्वापर में तिगुना जप करने पर सिद्ध हो जाते थे और कलयुग में चौगुना करने पर सिद्ध हो जाते है !
क्षौं
|| विधि ||इस मंत्र को प्रतिदिन रात्रि काल में जपे और आपको ४० दिन में ५ लाख जप पूर्ण करना है ! मंत्र जप के दौरान देसी घी का दीपक जलता रहना चाहिए और दो लड्डू , दो लौंग, दो मीठे पान और एक नारियल भगवान् नृसिंह जी को पहले और आखरी दिन भेट चढ़ाये एवं अगले दिन किसी विष्णु मंदिर में चढ़ा आयें ! अंतिम दिन दशांश हवन करे और अगर ऐसा संभव ना हो तो ५०,००० मंत्र संख्या और जपे !
भगवान नृसिंह आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करे !!
जय सदगुरुदेव .. !!


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