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तेल मोहिनी साधना

 जीवन में यदि आकर्षण हो तो जीवन नीरस हो जाता है ! हमारे तंत्राचार्यो ने इस बात को समझा और उन्होंने ऐसे मंत्रो का निर्माण किया जिसके द्वारा किसी को भी बड़ी आसानी से आकर्षित किया जा सकता है ! अधिकतर लोगो का यह मानना है कि भाग्य अटल है , उसे कोई नहीं मिटा सकता यदि ऐसा है तो फिर तो हमारा किसी भी विषय में सोचना ही बेकार है क्योंकि जो भाग्य में लिखा गया है वही होकर रहेगा ! यदि भाग्य का लिखा अटल होता तो भगवान् शिव कभी भी ६४ तंत्रों की रचना करते और ही हमारे धर्म ग्रंथो में क्रिया आदि कर्मकांडो का उल्लेख आता ! यह सब कर्मकांड आदि क्रियाएँ भाग्य में बदलाव के लिए ही बनी है ! ज्योतिष द्वारा हम अपने भाग्य में बहुत अधिक बदलाव कर सकते हैं , पर ज्योतिष की एक सीमा है ! तंत्र असीमित है , शिव ने स्वयं कहा है आगम निगम तंत्र मेरा ही स्वरुप है ! तंत्र में आकर्षण का एक विशेष स्थान है ! आकर्षण द्वारा आप किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को आकर्षित कर सकते है ! साबर तंत्र में ऐसे मंत्रो की भरमार है ! मेरा सदैव यही प्रयत्न रहा है कि आपको सरल और अचूक साधनायें दी जाएँ जिसमे माला का झंझट हो यन्त्र का केवल जप ही सिद्धि के लिए जरूरी हो ताकि प्रत्येक व्यक्ति उस साधना को कर सके ! यह साधना बहुत तीव्र है इसके प्रभाव से आप किसी भी व्यक्ति को आकर्षित कर अपना काम निकलवा सकते है ! आपके संपर्क में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस साधना के फल से आकर्षित हो जायेगा ! 

|| मन्त्र  ||

तेल तेल गौरी का खेल 
राजा प्रजा कौंसल 
चलके मेरे और मेरे परिवार के 
पैरी मेल 
मन मोहे तन मोहे मोहे सभी शरीर 
मोहे पंजे पीर 
जय फूला कम करे खुल्ला 
मलंगी तोड़े तंगी
!

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विधि ||
इस मन्त्र को प्रतिदिन सरसों के तेल का दीपक जलाकर घंटे जपे ! पहले दिन और आखरी दिन सात प्रकार की मिठाई उजाड़ स्थान पर रखकर आये ! वापिस आते समय पीछे मुड़कर देखे ! यह क्रिया पूरे ४१ दिन करनी है मन्त्र सिद्ध हो जायेगा ! यह साधना बहुत प्रभावशाली है , इस साधना में बस यह ख्याल रखे कि मन ,वचन और कर्म से किसी भी तरह आपका ब्रहमचर्य खण्डित नहीं होना चाहिये !

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प्रयोग विधि ||
इस मन्त्र को २१ बार पढ़कर सरसों का तेल अभिमंत्रित करे और अपने शरीर पर उसकी मालिश कर जिसके भी पास जायेंगे वह मोहित होकर आपकी हर बात मानेगा ! 

जय सद्गुरुदेव !

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