नवरात्रे शुरू होने वाले है और इन नवरात्रों पर मै अपने भाइयों के साथ एक बहुत ही अद्भुत साधना शेयर करना चाहता हूँ! मुझसे बहुत से लोग यह जानना चाहते है कि २५ वर्ष कि इतनी कम आयु में मुझे साधना के विषय में इतना ज्ञान कैसे मिल गया! भाई यह सब तो गुरुकृपा है और मैंने अपने भाइयों से यह बात भी कही थी कि इन नवरात्रों पर एक बहुत ही दुर्लभ साधना पोस्ट करूँगा! मेरे गुरुदेव सिद्ध रक्खा रामजी से मैंने कहा कि मैंने आपकी बताई साधनाए कि है प्रभाव तो मिलता है पर देव दर्शन नहीं होते और जब मै साधना के विषय में किसी से बात करता हूँ तो मुझे अपने आप पर विश्वास नहीं होता तो साधना पर क्या विश्वास होगा! गुरुदेव ने कहा सिर्फ तेरे साथ ही ऐसा नहीं है! विशव के ८०% लोग येही सोचते है क्या साधना सफल होगी सफल हो भी जाये तो देव दर्शन नहीं होता! ऐसा इसलिए होता है क्योंकि योगमाया उन्हें घेरे रहती है! मैंने कहा क्या कोई ऐसा उपाय नहीं है जिससे योगमाया के घेरे से बाहर आया जा सके और मन्त्र सिद्धि आसान हो जाये! गुरुदेव ने कहा योगमाया तो ब्रह्मा को भी घेरे रहती है पर मेरे पास एक उपाय है जिससे तंत्र मन्त्र कि सिद्धियाँ आसान हो जाती है! उन्होंने मुझे मन्त्र दिया और नवरात्रों में करने को कहा, नवरात्रों में मुझे स्वपन में देवी ने दर्शन दिया और कहा मेरे इस मन्त्र को जपने के बाद तू जो भी काम करेगा वो कभी असफल नहीं होगा और तू जिस प्रकार के ज्ञान कि इच्छा करेगा उस ज्ञान का जानकर आदमी तुझे ढूँढता हुआ तेरे पास आ जायेगा!
मै अगले दिन गुरुदेव से मिला तो गुरुदेव ने कहा स्वपन दर्शन से फूल गया और हस पड़े! गुरुदेव ने कहा अब दोबारा उन सध्नायो को करो जिन सध्नायो पर तुम्हे शंका है! मैंने घर आकर सोचा पहले ख्वाजा पीर कि साधना करता हूँ! मै हररोज नदी में नाभि तक खड़ा होकर दो घंटे जप करने लगा डर भी लगता था पर फिर भी लगा रहा चौथे दिन मुझे आवाज़ आई क्यों आया दोबारा तेरी साधना पूरी हो चुकी है! मेरी उम्र उस समय १५ साल कि थी मै डर गया और पानी में गिर गया बड़ी मुश्किल से संभल कर फिर खड़ा हुआ! फिर आवाज़ आई घर चला जा मै बहुत डर गया था पर मै पीछे नहीं मुड़ा तो पानी की एक लहर मेरे सिर के ऊपर खड़ी हो गई और कहा जा चला जा आज के बाद जब भी तू मुझे याद करेगा तो मै तेरी इच्छा पूरण कर दूंगा! मैंने गुरुदेव से बताया तो गुरुदेव ने कहा बस तेरी साधना सफल हो गयी है! उसके बाद मैंने शिव साधना की और उसमे भी सफलता मिली वो एक अलग कहानी है उस पर कभी फिर चर्चा करेंगे! मै सिद्ध रक्खा रामजी जैसे गुरुदेव को पाकर धन्य हो गया, जिन्होंने मुझ जैसे गधे को तेज़ रफ़्तार वाला घोडा बना दिया! इस मन्त्र को किसी भी माला से जप सकते है! आसन और वस्त्र का भी कोई बंधन नहीं बस नवरात्रों में उपवास रखे और इस मन्त्र का २१००० जप करे!
मन्त्र :-
जय ज्योत तेरी ओट देवी दुर्गा तेरी कला सहाई,
पहली शैलपुत्री ध्याऊँ मनोवांछित फल पाऊँ
दूजी ब्र्हम्चारिणी ध्याऊँ ब्रहमविद्या पाऊँ
तीजी चंदरघटा ध्याऊँ रोग शोक को दूर भगाऊँ
चौथी कुष्मांडा ध्याऊँ भूत प्रेत को दूर भगाऊँ
पांचवी अस्कंध माता ध्याऊँ बल बुधि विद्या पाऊँ
छट्टी कातायानी ध्याऊँ लम्बी आयु पाऊँ
सातवी कालरात्रि ध्याऊँ वैरी से कभी हार न पाऊँ
आठवी महागौरी ध्याऊँ सुंदर मोहक रूप मै पाऊँ
नौवी सिद्धिधात्री ध्याऊँ परम सिद्ध मै कहलाऊँ
मेरा शब्द चुके ऊमा सूखे
गंगा यमुना उलटी बहे
चले मन्त्र फुरे वाचा देखां नौ देवियों के ईलम का तमाशा!
दुहाई ब्रह्मा विष्णु शिव गौरा पार्वती की!
मेरा मानना है कि इस साधना को करने के बाद सफलता आपकी चरण दासी बन जाएगी!
इसी आशा के साथ!
जय सदगुरुदेव!



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