ये साधना एक सौम्य साधना है!इस साधना में किसी प्रकार की कोई हानि नहीं होती!यदि साधना अधूरी छूट जाये तब भी कोई चिंता की बात नहीं है!यह साधना आपके सभी अच्छे काम कर सकतीहै! यह साधना उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो घर से बहार जाकर साधना नहीं कर सकते! मेरी अनुभूत साधना है!
मन्त्र
:-
उल्टा तरकश उल्टा तीर
उल्टा चले मोहम्मद वीर
वीर फातमा का बेटा
अस्सी बोतल दारू पिए अस्सी बकरा खाए
ढीठ बांधू मुटठ बांधू
तुनैइआ बुनैइआ बांधू
इतना काम मेरा ना करे
तो तुझे अपनी माँ का दूध हराम हो!
साधना
विधि:-
साधना शुक्ल पक्ष के गुरुवार से शुरू करे!११ माला जप करे
२१ दिन करे! यदि ४१ दिन जप कर ले तो
चौंकी
की सिद्धि हो जाएगी! हररोज पूजा के बाद एक थाली में कपूर के ऊपर दो लौंग रखकर जला दे,उसी थाली में पांच प्रकार के फूल और पांच प्रकार की मिठाई रख दे एक जायफल काट कर रख दे और सात वार मन्त्र पढ़ कर पानी से थाली के चारों तरफ एक गोला बना दे!
प्रयोग विधि:-
जब भी पीर से कोई कार्य करवाना हो तो थाली सजाकर इसी प्रकार पूजा करे और एक माला मन्त्र की जपें! मन्त्र जप के बाद अपना काम पीर से बोले आपका काम हो जायेगा! काम होने के बाद पीर बाबा के नाम से लोगों में पीले मीठे चावल बनाकर बाँट दे!

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