यह साधना हिमाचल प्रदेश और हिमाचल के साथ सटे पंजाब के इलाके में अधिक प्रचलित है ! यही वीर सिद्ध बाबा बालक नाथ जी के मंदिर के बाहर पहरा देता है और उनके भक्तो की समस्याएँ दूर करता है ! नाहरसिंह वीर की साधना करने के बाद व्यक्ति बड़े से बड़े कार्य को भी बड़ी आसानी से सिद्ध कर सकता है ! इस साधना में वीर प्रत्यक्ष होता है !
हाजिर हो मेरे नाहरसिंह वीर
|| विधि ||
इस मन्त्र की प्रतिदिन 21माला जाप करे ! माला कोई भी इस्तेमाल कर सकते है और आसन का भी कोई विधान नहीं है ! किसी उजाड़ स्थान में रात्रि 10 बजे के बाद आसन लगाये और आसन जाप पढ़ शरीर कीलन मन्त्र जपे और अपने चारों तरफ रक्षा घेरा बनाये ! उस घेरे के अन्दर मिटटी के बर्तन में शराब रखे और सरसों के तेल का दीपक जलाये ! फिर गुरु मन्त्र का जाप करे और गुरुदेव से मन्त्र जप की आज्ञा ले ! उसके बाद गणेश पूजन करे और मन्त्र जप करे ! जाप समाप्त होने तक किसी भी हालत में बाहर न आये, कुछ डरावने अनुभव होंगे पर किसी भी हालत में डरे नहीं और अपने गुरुदेव पर भरोसा रखे ! यह क्रिया आपको पूरे 41 दिन करनी है ! जब वीर प्रत्यक्ष हो तो वीर से इच्छित वर मांग ले और इस साधना और सिद्धि की चर्चा और अपना अनुभव गुप्त रखे ! इस साधना को भूलकर भी अपने घर में न करे !
चेतावनी :- इस साधना को गुरु आज्ञा से ही करे अन्यथा भरी नुकसान हो सकता है ! इस वीर को सिद्ध करते हुए अनेको लोग पागल हो जाते है !
ईश्वर आप सब पर अपनी कृपा बनाये रखे !

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